हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध पार्वती वैली के अंतिम छोर पर बसा तोष (Tosh) किसी हिमालयी सपने जैसा महसूस होता है। बर्फ से ढकी चोटियों, बहते झरनों और शांत घाटियों के बीच यह छोटा सा गांव यात्रियों को आध्यात्मिक शांति और रोमांच दोनों का अनुभव कराता है। यहां सुबह मंदिरों की घंटियों और पार्वती नदी की गूंज के साथ शुरू होती है, दोपहरें सेब के बागों और जंगलों की सैर में बीतती हैं और शामें अलाव के पास तारों भरे आसमान के नीचे यादगार बन जाती हैं।
तोष सिर्फ एक हिल स्टेशन नहीं, बल्कि पार्वती वैली की आत्मा है — जहां प्रकृति, संस्कृति और एडवेंचर एक साथ जीवंत हो उठते हैं।
तोश (Tosh), जो कभी केवल भेड़-पालकों और सेब के बागानों के लिए जाना जाता था, आज दुनिया भर के घुमक्कड़ों के लिए एक ‘मिस्टिक’ (Mystic) डेस्टिनेशन बन चुका है।
तोश की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी भौगोलिक स्थिति भी है। यह प्रसिद्ध खीरगंगा ट्रेक (Kheerganga Trek) के लिए बेस कैंप का काम करता है। साथ ही, यहाँ से मात्र एक घंटे की चढ़ाई पर स्थित कुतला (Kutla) गाँव उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो अभी भी पुराने, शांत तोश की तलाश में हैं।
सम्मान करें: तोष एक पवित्र मंदिर (जमदग्नि ऋषि) का घर भी है। यहाँ की स्थानीय मान्यताओं और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

तोष कैसे पहुंचें (How to Reach Tosh)
हवाई मार्ग से: सबसे नजदीकी एयरपोर्ट भुंतर (कुल्लू) एयरपोर्ट है, जो दिल्ली सहित कुछ प्रमुख शहरों से जुड़ा है। यहां से टैक्सी लेकर कसोल (लगभग 30 किमी) पहुंचें और फिर साझा जीप से बरशैणी तक जाएं।
रेल मार्ग से: तोष के लिए सीधी रेल सुविधा नहीं है। निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन पठानकोट जंक्शन है। यहां से बस या टैक्सी द्वारा भुंतर और फिर कसोल पहुंचा जा सकता है।
सड़क मार्ग से: मनाली या कसोल से बरशैणी (लगभग 75 किमी) तक सड़क मार्ग उपलब्ध है। बरशैणी से लगभग 3 किमी का ट्रेक या लोकल वाहन लेकर तोष पहुंचा जा सकता है।
तोष में घूमने की सबसे खूबसूरत जगहें
1. तोष वॉटरफॉल: बरशैणी से लगभग 2.5 किमी दूर स्थित यह झरना घने जंगलों और पहाड़ी चट्टानों के बीच गिरता हुआ बेहद आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करता है। ट्रेकिंग के दौरान लकड़ी के पुल और रंगीन प्रार्थना झंडे यात्रा को और खास बनाते हैं।
2. बरशैणी वॉटरफॉल: खेीरगंगा ट्रेक के रास्ते पर स्थित यह झरना एडवेंचर प्रेमियों के लिए खास आकर्षण है। मानसून में इसका तेज प्रवाह घाटी को रोमांचक रूप दे देता है।

3. तोष गांव: लकड़ी के पारंपरिक घर, सेब के बाग और कैफे संस्कृति इस गांव को अनोखा बनाते हैं। यहां दुनियाभर से आए बैकपैकर्स मिलते हैं और शाम के समय बर्फीली चोटियों पर पड़ती गुलाबी रोशनी अद्भुत दृश्य रचती है।
4. पार्वती नदी ट्रेल्स: पार्वती नदी के किनारे बने ट्रेकिंग रास्ते ध्यान, योग और प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श हैं। यहां की शांत ऊर्जा यात्रियों को मानसिक सुकून देती है।
घूमने का सबसे अच्छा समय और जरूरी सामान
- मई से अक्टूबर: सुहावना मौसम और ट्रेकिंग के लिए बेहतरीन समय
- मानसून: हरियाली बढ़ती है लेकिन रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं
- सर्दियां: बर्फबारी के साथ जादुई नजारे
क्या पैक करें: थर्मल कपड़े, रेनकोट, ट्रेकिंग शूज, सनस्क्रीन, पावर बैंक और गर्म जैकेट।
तोष में ठहरने के बेहतरीन विकल्प
- रिवरसाइड कैंप जैसे Moon Dance — बोनफायर अनुभव के साथ
- Alpine Guest House — शानदार वैली व्यू
- कई कैफे और होमस्टे बैकपैकर्स के लिए डॉर्म सुविधा भी देते हैं।

3 दिन का परफेक्ट तोष ट्रैवल प्लान
दिन 1: बरशैणी से ट्रेक, तोष वॉटरफॉल और गांव में सनसेट
दिन 2: बरशैणी वॉटरफॉल, पार्वती नदी ट्रेल्स और कैफे हॉपिंग
दिन 3: खेीरगंगा डिटूर, नदी किनारे योग और कसोल वापसी
यहां क्या करें, क्या खरीदें और क्या खाएं
क्या करें: वॉटरफॉल ट्रेकिंग, नदी किनारे मेडिटेशन, स्टारगेजिंग और बोनफायर
क्या खरीदें: हाथ से बने बीड्स, ऊनी शॉल, स्थानीय हस्तशिल्प
क्या खाएं: इजरायली शाक्षुका, थुकपा नूडल्स, एप्पल पाई, गर्म हर्बल चाय
आसपास घूमने की शानदार जगहें: कसोल कैफे – 20 किमी, खेीरगंगा ट्रेक – 12 किमी, पुलगा गांव,मनाली और रोहतांग – 75 किमी
निष्कर्ष
तोष केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक अनुभव है। यहां झरनों की आवाज, पहाड़ों की शांति और घाटी की ऊर्जा मिलकर आत्मा को सुकून देती है। पार्वती वैली का यह अंतिम गांव यात्रियों को प्रकृति के सबसे शुद्ध रूप से जोड़ देता है। अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर सच्ची शांति तलाश रहे हैं, तो तोष आपकी अगली मंजिल जरूर होनी चाहिए।
तो चलिए, ट्रेकिंग शूज पहनिए और पार्वती वैली के इस जादुई सफर पर निकल पड़िए — तोष आपका इंतजार कर रहा है।
By: Anushka Singhal


