हिमाचल प्रदेश की मनमोहक बंजार घाटी में, भीड़-भाड़ वाले पर्यटन स्थलों से दूर, एक छिपा हुआ रत्न है – जिभी। यह छोटा सा गाँव अपने शांत और सुरम्य वातावरण, देवदार और ओक के घने जंगलों, बहती नदियों और पारंपरिक लकड़ी के घरों के लिए जाना जाता है। यदि आप शहर के शोरगुल से दूर, प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो जिभी आपके लिए एक आदर्श गंतव्य है। यहाँ की ताज़ी हवा और हिमालय के शानदार नज़ारे आपको तुरंत तरोताज़ा कर देते हैं।
जिभी को उसकी अविश्वसनीय शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानते हैं। यहाँ की अधिकांश इमारतें पारंपरिक ‘कठ-कुणी’ शैली में बनी हैं, जो पत्थर और लकड़ी का उपयोग करके बनाई जाती हैं, जिससे गाँव को एक अनूठा और आकर्षक रूप मिलता है। जिभी के आसपास का क्षेत्र महान हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान (Great Himalayan National Park) का एक हिस्सा है, जो इसकी जैव विविधता को और बढ़ा देता है। यहाँ का वातावरण इतना शांत और स्वच्छ है कि यह प्रकृति प्रेमियों और बर्ड वॉचर्स के लिए एक स्वर्ग बन गया है।
जिभी के प्रमुख आकर्षण: दर्शनीय स्थल और अनुभव
जिभी में हर तरह के यात्री के लिए कुछ न कुछ है:
- जिभी जलप्रपात (Jibhi Waterfalls): जिभी का सबसे लोकप्रिय आकर्षण, जिभी जलप्रपात, देवदार के घने जंगल के बीच स्थित है। यहाँ तक पहुँचने के लिए आप एक छोटा और आसान ट्रेक करते हैं, जो एक लकड़ी के पुल से होकर गुजरता है। झरने का शोर और आसपास की हरियाली एक शांत और जादुई वातावरण बनाती है। आप यहाँ ठंडे पानी में पैर डुबोकर सुकून महसूस करते हैं।
- सेरोलसर झील (Serolsar Lake): जलोरी दर्रे से लगभग 5 किलोमीटर की ट्रेकिंग के बाद आप इस शांत और पवित्र झील तक पहुँचते हैं। घने जंगलों से घिरी यह झील अपनी शांतता और साफ पानी के लिए जानी जाती है। झील के पास एक बुढ़ी नागिन (Burhi Nagin) का मंदिर है, जहाँ स्थानीय लोग श्रद्धा से पूजा करते हैं।

सेरोलसर झील
- जलोरी पास (Jalori Pass): समुद्र तल से 10,280 फीट की ऊँचाई पर स्थित, जलोरी पास जिभी से एक शानदार ड्राइव के बाद पहुँचते हैं। यह स्थान हिमालय की चोटियों और घाटियों के लुभावने मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। यह सेरोलसर झील और रघुपुर किले जैसे ट्रेकिंग के लिए एक शुरुआती बिंदु भी है।

- ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (Great Himalayan National Park): थोड़ी दूरी पर स्थित, यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। आप यहाँ ट्रेकिंग करते हैं और हिमालयी वन्यजीवों जैसे हिमालयी तहर और विभिन्न प्रकार के पक्षियों को देखने का मौका पाते हैं।
- चेहनी कोठी (Shringa Rishi Temple, Chehni Kothi): यह पारंपरिक कठ-कुणी शैली का एक प्राचीन लकड़ी का किला है, जो अपनी वास्तुकला और इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। यह एक टावर जैसी संरचना है, जो अपनी मजबूती और सुंदरता से आपको आश्चर्यचकित कर देती है। इसके पास श्रृंग ऋषि का एक मंदिर भी है, जिसका स्थानीय लोगों में बहुत धार्मिक महत्व है।
जिभी में क्या करें
जिभी में आपकी यात्रा को अविस्मरणीय बनाने के लिए कई गतिविधियाँ हैं:
- ट्रेकिंग और हाइकिंग: जिभी ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए स्वर्ग है। आप यहाँ आसान से लेकर मध्यम स्तर के ट्रेक कर सकते हैं, जैसे कि जिभी जलप्रपात, सेरोलसर झील और रघुपुर किला।
- बर्ड वाचिंग: आसपास के घने जंगल पक्षी प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान हैं, जहाँ आप हिमालयी पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को देखते हैं।
- कैंपिंग और रिवर साइड पिकनिक: आप नदी के किनारे कैंपिंग और पिकनिक का आनंद लेते हैं। शांत नदी और तारों से भरा आसमान एक अद्भुत अनुभव प्रदान करते हैं।
- फोटोग्राफी: जिभी के लुभावने परिदृश्य, घने जंगल, बहते झरने और पारंपरिक घरों की खूबसूरत तस्वीरें लें।
- स्थानीय संस्कृति का अनुभव: स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करें और उनकी सरल जीवनशैली और संस्कृति का अनुभव करें।

जिभी में खानपान और आवास
यहाँ आपको स्थानीय हिमाचली व्यंजनों का अनुभव मिलता है। यहाँ के होमस्टे और छोटे रेस्तरां में आपको घर जैसा बना हुआ स्वादिष्ट खाना मिलता है। आप यहाँ स्थानीय भोजन जैसे सिड्डू और स्वादिष्ट ट्राउट मछली (Trout fish) का स्वाद ले सकते हैं, जो इस क्षेत्र की खासियत है।
आवास के लिए, जिभी में कई होमस्टे, गेस्ट हाउस और कुछ कैंपिंग साइट्स उपलब्ध हैं, जो प्रकृति के बीच रहने का अनुभव प्रदान करती हैं।
पहुँचने के तरीके
जिभी तक पहुँचना अपेक्षाकृत आसान है:
- सड़क मार्ग से: जिभी दिल्ली (लगभग 515 किमी) और चंडीगढ़ (लगभग 270 किमी) से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। दिल्ली या चंडीगढ़ से मनाली जाने वाली बसों में बैठकर आप औट (Aut) नामक स्थान पर उतरते हैं। औट से जिभी पहुँचने के लिए आप टैक्सी या स्थानीय बस लेते हैं, जो लगभग 1 से 1.5 घंटे का समय लेती है।
- रेल मार्ग से: जिभी का निकटतम रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन (CDG) है, जो लगभग 270 किलोमीटर दूर है। चंडीगढ़ से आप बस या टैक्सी द्वारा जिभी पहुँचते हैं।
- हवाई मार्ग से: जिभी का निकटतम हवाई अड्डा कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा (Kullu-Manali Airport – KUU), भुंतर में स्थित है, जो लगभग 60 किलोमीटर दूर है। भुंतर से आप टैक्सी किराए पर लेकर जिभी पहुँचते हैं।
घूमने का सबसे अच्छा समय
जिभी घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून (गर्मियाँ) और सितंबर से नवंबर (शरद ऋतु) के बीच है।
- गर्मियाँ (मार्च से जून): इस दौरान मौसम सुखद और आरामदायक रहता है (तापमान 15°C से 25°C के बीच), जो दर्शनीय स्थलों की यात्रा, ट्रेकिंग और बाहरी गतिविधियों के लिए आदर्श है।
- मानसून (जुलाई से सितंबर): इस दौरान जिभी हरी-भरी सुंदरता में होता है और झरने पूरे वेग से बहते हैं। हालांकि, बारिश और भूस्खलन का खतरा हो सकता है।
- शरद ऋतु (सितंबर से नवंबर): इस दौरान मौसम सुहावना होता है, आसमान साफ होता है, और हिमालय की चोटियों के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं।
- सर्दियाँ (दिसंबर से फरवरी): इस दौरान जिभी बर्फ की चादर से ढक जाता है, और तापमान शून्य से नीचे जा सकता है। यह बर्फबारी देखने और शांत एकांत की तलाश करने वालों के लिए एक अच्छा समय है, लेकिन सड़क पर बर्फ के कारण पहुँच मुश्किल हो सकती है।
जिभी हिमाचल का एक ऐसा अनदेखा रत्न है, जो प्राकृतिक सुंदरता और सादगी का अनोखा संगम है। चाहे जलौरी पास की ऊँचाइयों पर ट्रेक करना हो, झरनों में डुबकी लगाना हो या गाँव की गलियों में हिमाचली संस्कृति को जीना हो — जिभी हर यात्री को अपनी यादों में हमेशा के लिए बसा लेता है।
तो अगली छुट्टियों में मसूरी–शिमला की भीड़ से हटकर जिभी का सफर जरूर कीजिए।
By: Anushka Singhal