
पुडुचेरी: बिना पासपोर्ट और वीजा के करिए ‘यूरोप’ की सैर!
भारत के दक्षिणी तट पर बसा पुडुचेरी (जिसे आमतौर पर पॉन्डी कहा जाता है) एक ऐसा शहर है, जहां कदम रखते ही माहौल बदल जाता

भारत के दक्षिणी तट पर बसा पुडुचेरी (जिसे आमतौर पर पॉन्डी कहा जाता है) एक ऐसा शहर है, जहां कदम रखते ही माहौल बदल जाता

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बसा करजत आज मुंबई और पुणे के यात्रियों के लिए सबसे पसंदीदा क्विक गेटवे बन चुका है। मुंबई से महज

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में 1,890 मीटर की ऊंचाई पर बसा कौसानी उन यात्रियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं, जो भीड़-भाड़ से दूर

हिमाचल प्रदेश की पार्वती वैली में बसा कसोल आज भारत के सबसे चर्चित हिप्पी और बैकपैकर डेस्टिनेशनों में शामिल है। लगभग 1,580 मीटर की ऊँचाई

उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में, समुद्र तल से करीब 2,620 मीटर की ऊँचाई पर स्थित हर्षिल घाटी हिमालय का वह कोना है जहाँ भागीरथी नदी

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले में समुद्र तल से करीब 2,960 मीटर की ऊँचाई पर बसा कल्पा उन यात्रियों के लिए किसी स्वप्न से कम

उत्तर प्रदेश की पवित्र धरती पर बसा प्रयागराज, जिसे पहले इलाहाबाद कहा जाता था, भारत की उन गिनी-चुनी नगरीयों में है जहाँ आस्था, इतिहास और

महाराष्ट्र के कोकण तट पर बसा रत्नागिरी वह जगह है जहाँ अरब सागर की लहरें ऐतिहासिक किलों से टकराती हैं, हापुस (अल्फांसो) आमों के बाग

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में 1,835 मीटर की ऊँचाई पर स्थित बरोट घाटी उन यात्रियों के लिए किसी छुपे हुए खजाने से कम नहीं

कभी कलकत्ता के नाम से पहचाना जाने वाला कोलकाता आज भी भारत का धड़कता सांस्कृतिक केंद्र है—एक ऐसा शहर जहाँ बारिश से भीगी सड़कों पर