माउंट आबू: राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन

माउंट आबू

राजस्थान की तपती रेत के बीच माउंट आबू एक ऐसा ठंडी फिजाओं वाला हिल स्टेशन है, जो हर यात्री को सुकून और शांति का एहसास कराता है। समुद्र तल से लगभग 1,220 मीटर की ऊँचाई पर बसा यह शहर, राजस्थान की भीषण गर्मी से एक सुखद राहत प्रदान करता है। अपनी शानदार प्राकृतिक सुंदरता, हरे-भरे परिदृश्य, शांत झीलों और प्राचीन मंदिरों के साथ, माउंट आबू प्रकृति प्रेमियों, आध्यात्मिक साधकों और इतिहास के शौकीनों – सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है।

माउंट आबू का नाम पौराणिक कथाओं में मिलता है, जहाँ इसे ‘अर्बुदारण्य’ कहा जाता था, जो नाग देवता ‘अर्बुदा’ के नाम पर पड़ा। किंवदंती है कि नागदेवता ने भगवान शिव के पवित्र बैल नंदी की रक्षा के लिए इस पहाड़ी के नीचे शरण ली थी। महर्षि वशिष्ठ ने भी यहाँ असुरों के विनाश के लिए यज्ञ किया था। यह स्थान न केवल हिंदू धर्म में पूजनीय है, बल्कि यह जैन धर्म का भी एक प्रमुख तीर्थस्थल है, जहाँ 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर भी आए थे। ब्रिटिश शासन के दौरान, यह राजपूताना मुख्यालय का ग्रीष्मकालीन विश्राम स्थल था, जिसके कारण यहाँ ब्रिटिश वास्तुकला की झलक भी मिलती है।

माउंट आबू के प्रमुख आकर्षण: दर्शनीय स्थल और अनुभव

माउंट आबू में हर तरह के यात्री के लिए कुछ न कुछ है:

  • दिलवाड़ा जैन मंदिर (Dilwara Jain Temples): यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण, दिलवाड़ा जैन मंदिर पांच मंदिरों का एक समूह है, जो 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच निर्मित हुए थे। ये मंदिर अपनी उत्कृष्ट संगमरमर की नक्काशी और जटिल मूर्तिकला के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। आप यहाँ की बारीकी से की गई कारीगरी और आध्यात्मिक शांति को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। विमल शाही मंदिर और लुन वासाही मंदिर इस समूह के सबसे महत्वपूर्ण मंदिर हैं।
  • नक्की झील (Nakki Lake): माउंट आबू के केंद्र में स्थित, नक्की झील एक सुंदर मानव निर्मित झील है। आप यहाँ झील में नौका विहार का आनंद लेते हैं और झील के चारों ओर की पहाड़ियों के मनोरम दृश्यों का अनुभव करते हैं। नक्की झील के पास स्थित ‘टॉड रॉक’ (मेंढक के आकार की चट्टान) एक लोकप्रिय आकर्षण है जहाँ से शानदार नज़ारे दिखते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवताओं ने अपने नाखूनों से इस झील को खोदा था, इसलिए इसका नाम ‘नक्की’ पड़ा।
नक्की झील, माउंट आबू
  • गुरु शिखर (Guru Shikhar): अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी, गुरु शिखर, माउंट आबू से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। आप यहाँ पहुँचने के लिए कुछ सीढ़ियाँ चढ़ते हैं और ऊपर से पूरे माउंट आबू और आसपास की घाटियों के अविश्वसनीय पैनोरमिक दृश्यों का अनुभव करते हैं। चोटी पर भगवान दत्तात्रेय का एक मंदिर भी है।
गुरु शिखर, माउंट आबू
  • अचलगढ़ किला और अचलेश्वर महादेव मंदिर (Achalgarh Fort & Achaleshwar Mahadev Temple): माउंट आबू से लगभग 11 किलोमीटर दूर स्थित, अचलगढ़ किला परमार राजाओं द्वारा निर्मित किया गया था और बाद में महाराणा कुंभा ने इसका जीर्णोद्धार करवाया। किले के पास अचलेश्वर महादेव मंदिर है जहाँ भगवान शिव के पैर के निशान होने की मान्यता है। आप यहाँ इतिहास और आध्यात्मिकता का एक साथ अनुभव करते हैं।
  • सनसेट पॉइंट (Sunset Point): नक्की झील के दक्षिण-पश्चिम में स्थित, सनसेट पॉइंट सूर्यास्त देखने के लिए एक लोकप्रिय स्थान है। आप यहाँ से ढलते हुए सूरज की नारंगी छटा को अरावली की पहाड़ियों पर फैलते हुए देखते हैं।
  • माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य (Mount Abu Wildlife Sanctuary): यह अभयारण्य विविध प्रकार की वनस्पतियों और जीवों का घर है, जिसमें तेंदुआ, सुस्त भालू, सांभर और विभिन्न प्रकार के पक्षी शामिल हैं। आप यहाँ प्रकृति की सैर और वन्यजीवों को देखने का आनंद लेते हैं।

माउंट आबू में करने लायक चीजें

माउंट आबू में आपकी यात्रा को अविस्मरणीय बनाने के लिए कई गतिविधियाँ हैं:

  • नौका विहार: आप नक्की झील में पैडल बोटिंग या रोइंग बोटिंग का आनंद लेते हैं, खासकर शाम के समय।
  • ट्रेकिंग और हाइकिंग: गुरु शिखर और अचलगढ़ किले जैसे स्थानों पर आप ट्रेकिंग का अनुभव करते हैं। वन्यजीव अभयारण्य में भी ट्रेकिंग के अवसर उपलब्ध हैं।
  • प्रकृति फोटोग्राफी: हरियाली, झील और पहाड़ी दृश्य फोटोग्राफी के लिए अद्भुत अवसर प्रदान करते हैं।
  • स्थानीय बाजारों में खरीदारी: आप यहाँ राजस्थानी हस्तशिल्प, संगमरमर की कलाकृतियाँ, कढ़ाई वाले कपड़े और स्मृति चिन्ह खरीदते हैं।
  • ब्राहाकुमारी आश्रम: माउंट आबू में ब्रह्माकुमारी आध्यात्मिक विश्वविद्यालय का मुख्यालय है। आप यहाँ ध्यान और आध्यात्मिकता का अनुभव कर सकते हैं।

माउंट आबू के व्यंजन: राजस्थानी स्वाद का आनंद

यहाँ आपको राजस्थानी और गुजराती व्यंजनों का स्वादिष्ट मिश्रण मिलता है:

  • दाल बाटी चूरमा: राजस्थान का यह प्रतिष्ठित व्यंजन यहाँ अवश्य आज़माएँ।
  • गट्टे की सब्जी: बेसन के पकौड़े से बनी यह मसालेदार करी भी बेहद स्वादिष्ट होती है।
  • केर सांगरी: सूखे जामुन और बीन्स से बनी एक अनोखी मसालेदार सब्जी।
  • मकई की रोटी और सरसों का साग: सर्दियों में यह स्वादिष्ट संयोजन ज़रूर चखें।
  • स्थानीय स्ट्रीट फूड: आप यहाँ राजस्थानी पकौड़े, कचोरी और अन्य स्नैक्स का आनंद लेते हैं।

माउंट आबू पहुँचने के तरीके

माउंट आबू तक पहुँचना अपेक्षाकृत आसान है:

  • रेल मार्ग से: माउंट आबू का निकटतम रेलवे स्टेशन आबू रोड रेलवे स्टेशन (ABR) है, जो लगभग 28 किलोमीटर दूर है। यह स्टेशन दिल्ली, जयपुर, मुंबई और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आबू रोड से, आप माउंट आबू पहुँचने के लिए टैक्सी या स्थानीय बसें ले सकते हैं।
  • हवाई मार्ग से: माउंट आबू का निकटतम घरेलू हवाई अड्डा उदयपुर हवाई अड्डा (UDR) है, जो लगभग 185 किलोमीटर दूर है। निकटतम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अहमदाबाद हवाई अड्डा (AMD) है, जो लगभग 220 किलोमीटर दूर है। हवाई अड्डे से, आप माउंट आबू तक पहुँचने के लिए टैक्सी किराए पर ले सकते हैं।
  • सड़क मार्ग से: माउंट आबू सड़क मार्ग द्वारा राजस्थान और पड़ोसी राज्यों के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप जयपुर, उदयपुर, अहमदाबाद और दिल्ली से सीधी बसें या टैक्सी ले सकते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 14 माउंट आबू तक सीधी पहुँच प्रदान करता है।

ठहरने के लिए सर्वश्रेष्ठ होटल्स

  • कामा राजपूताना क्लब रिसॉर्ट (Cama Rajputana Club Resort) – राजसी अंदाज और आधुनिक सुविधाओं के साथ।
  • होटल हिलॉक – हरियाली से घिरा बेहतरीन सेवा वाला होटल।
  • कॉलोनियल मानेक मैनर – हेरिटेज और लग्जरी का सुंदर मेल।
  • पैलेस होटल (बीकानेर हाउस) – राजसी ठाठ में रहना हो तो यही सबसे उपयुक्त है।
  • माउंट आबू रिसॉर्ट – फैमिली और ग्रुप्स के लिए बेहतरीन विकल्प।

घूमने का सबसे अच्छा समय

यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच है।

  • सर्दियाँ (अक्टूबर से मार्च): इस दौरान मौसम सुखद और ठंडा रहता है, जो दर्शनीय स्थलों की यात्रा, ट्रेकिंग और बाहरी गतिविधियों के लिए एकदम सही है। रात में तापमान शून्य के करीब भी पहुँच सकता है।
  • मानसून (जुलाई से सितंबर): इस दौरान माउंट आबू हरियाली से भर जाता है और धुंध भरे परिदृश्य एक जादुई माहौल बनाते हैं। यह प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अद्वितीय अनुभव हो सकता है, हालाँकि बारिश के कारण कुछ गतिविधियाँ बाधित हो सकती हैं।
  • गर्मियाँ (अप्रैल से जून): मैदानी इलाकों की तुलना में यहाँ का मौसम काफी ठंडा रहता है, जो इसे गर्मियों की छुट्टी के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बनाता है।

यह केवल एक हिल स्टेशन नहीं बल्कि एक ऐसी जगह है जहां आप प्रकृति, संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम महसूस कर सकते हैं। शांत जलवायु, ऐतिहासिक धरोहर, स्वादिष्ट भोजन और विविध गतिविधियों के कारण यह सालभर यात्रा करने योग्य गंतव्य है। चाहे आप रोमांटिक ट्रिप पर हों, फैमिली हॉलीडे प्लान कर रहे हों या अकेले शांति की तलाश में हों, माउंट आबू हर किसी के लिए कुछ खास लेकर आता है।

तो इस बार जब राजस्थान जाएं, रेगिस्तान को छोड़, पहाड़ों में सुकून ढूंढ़ने ज़रूर माउंट आबू आएं।

By: Anushka Singhal

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