लक्षद्वीप—भारत का वह द्वीप समूह, जो दूर से एक पन्ने की माला (Emerald Necklace) जैसा दिखता है, और पास जाकर एक ऐसे स्वर्ग में बदल जाता है जहाँ नीला-फ़िरोज़ा पानी, नर्म सफ़ेद रेत, अनछुए कोरल, और धीमी–सी जीवन लय यात्रियों को किसी और ही दुनिया में ले जाती है।
कई लोग इसे Maldives या Bali से जोड़कर देखते हैं, लेकिन लक्षद्वीप अपनी सादगी, स्थानीय संस्कृति और कच्ची प्राकृतिक खूबसूरती की वजह से बिल्कुल अलग और अनोखा अनुभव देता है।
अरब सागर में स्थित भारत के केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप ने अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत समुद्र तटों और जीवंत समुद्री जीवन के कारण हाल के वर्षों में एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बनाई है। मलयालम और संस्कृत शब्दों से बना लक्षद्वीप का अर्थ है ‘एक लाख द्वीप’, हालांकि यह द्वीपसमूह वास्तव में 36 मूंगा द्वीपों से मिलकर बना है। इनमें से केवल 10 द्वीप ही आबाद हैं और केवल कुछ ही पर्यटकों के लिए खुले हैं, जिससे यहाँ की प्राकृतिक शांति और पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित रहता है।
लक्षद्वीप का क्रिस्टल-क्लियर नीला पानी, चमकदार सफेद रेत और रंगीन मूंगा चट्टानें (Coral Reefs) इसे दुनिया के सबसे बेहतरीन समुद्र तटीय गंतव्यों में से एक बनाते हैं।

लक्षद्वीप की भौगोलिक बनावट इसे अद्वितीय बनाती है। यह द्वीपसमूह मुख्य रूप से मूंगा (Coral) से निर्मित एटोल (Atolls) हैं।
- नीला लैगून (Blue Lagoon): हर द्वीप के चारों ओर एक उथला, शांत, और चमकीले नीले रंग का लैगून पाया जाता है, जो समुद्री गतिविधियों के लिए सुरक्षित स्थान प्रदान करता है।
- समुद्री जीवन: लक्षद्वीप के मूंगा चट्टानें और लैगून विभिन्न प्रकार के रंगीन समुद्री जीवों, मछलियों, कछुओं और डॉलफिन का घर हैं। यहाँ की जैव विविधता (Biodiversity) इसे स्कूबा डाइविंग और स्नॉर्कलिंग के लिए एक विश्व स्तरीय केंद्र बनाती है।
- शुद्ध और शांत: बाहरी दुनिया की भाग-दौड़ से दूर, लक्षद्वीप अपने शांत वातावरण और प्रदूषण-मुक्त सुंदरता को बनाए रखता है।
कैसे पहुँचें लक्षद्वीप? — सफ़र ही एक रोमांच
लक्षद्वीप सड़क या रेल से नहीं जुड़ा; इसलिए यहाँ पहुँचना अपने-आप में एक यादगार यात्रा है।
हवाई मार्ग
- मुख्य एंट्री पॉइंट: कोच्चि (केरल)
- कोच्चि से सीधी उड़ानें (और कुछ मौसमी उड़ानें गोवा से) अगाती द्वीप तक जाती हैं—यहाँ लक्षद्वीप का एकमात्र हवाई अड्डा है।
- समय: लगभग 1.5 घंटे, और लैंडिंग के दौरान दिखने वाले नीले पानी दृश्य जैसे स्वप्न।
समुद्री मार्ग
- कोच्चि–लक्षद्वीप के बीच क्रूज़ व शिप सर्विस चलती हैं।
- समय: 14–20 घंटे, बीच-बीच में कवरत्ती, मिनिकॉय जैसे द्वीपों पर रुकाव।
- मुंबई से भी 4–5 दिन का क्रूज़ विकल्प उपलब्ध है।
परमिट
भारतीय और विदेशी—दोनों यात्रियों के लिए Entry Permit ज़रूरी है।
इसे आसानी से अधिकृत टूर ऑपरेटर या लक्षद्वीप प्रशासन की साइट के ज़रिए लिया जा सकता है।
कौन–कौन से द्वीप देखें?
1. अगाती द्वीप — नीली लैगून का पोस्टकार्ड

- हवाई अड्डे की वजह से सबसे लोकप्रिय।
- सफ़ेद रेत, नीले लैगून, रंगीन कोरल—हर मोड़ पर फ़ोटोग्राफ़ी स्पॉट।
- एक्टिविटीज़:
✔ स्नॉर्कलिंग
✔ स्कूबा डाइविंग
✔ ग्लास-बॉटम बोट
✔ सनसेट बाइक राइड
सी सेवन रिज़ॉर्ट, व्हाइट पर्ल बीच होटल जैसे बीचफ्रंट स्टे यहाँ बहुत पसंद किए जाते हैं।
2. कवारत्ती — राजधानी और रोमांच का केंद्र
- शांत माहौल, खूबसूरत लैगून और सांस्कृतिक स्थलों का मिश्रण।
- अक्वेरियम, उजरा मस्जिद और ब्लू–टोन लैगून इसकी पहचान हैं।
- वाटर स्पोर्ट्स:
✔ कयाकिंग
✔ विंडसर्फिंग
✔ लैगून क्रूज़
कवरत्ती बीच रिज़ॉर्ट और गवर्नमेंट गेस्ट हाउस सुविधाजनक ठहराव देते हैं।
3. मिनिकॉय — मालदीव की झलक और अनोखी परंपराएँ
- मालदीव से सबसे नज़दीक होने के कारण संस्कृति में झलक मिलती है।
- ब्रिटिश-काल का लाइटहाउस, नारियल बागान और लावना डांस प्रमुख आकर्षण।
- स्नॉर्कलिंग, डॉल्फ़िन-वॉचिंग और सनसेट बोट राइड्स यहां के अनुभव को जादुई बनाते हैं।
- मिनिकॉय बीच रिज़ॉर्ट शांत और सुकून भरा प्रवास देता है।
कहाँ ठहरें? — बेस्ट स्टे इन लक्षद्वीप
- अगाती — Sea Shells Beach Resort, White Pearl
- कवारत्ती — Kadmat Beach Resort, Govt. Guest House
- मिनिकॉय — Minicoy Island Beach Resort
स्थानीय अनुभव चाहें तो ईको-फ्रेंडली कॉटेज और होमस्टे चुनें—ताजा समुद्री भोजन और स्थानीय मलाबारी स्वाद यात्रियों को बेहद पसंद आता है।

स्थानीय यात्रा — द्वीप से द्वीप की जादुई सैर
- छोटे-छोटे द्वीप फेरी/बोट से जुड़े हैं।
- साइकिल किराए पर लेकर आप नारियल के पेड़ों के बीच घूम सकते हैं।
- हेलीकॉप्टर सेवाएँ भी उपलब्ध होती हैं, लेकिन मौसम पर निर्भर रहती हैं।
क्या पैक करें? — स्मार्ट ट्रैवलर की चेकलिस्ट
- हल्के सूती कपड़े, स्विमवियर, टोपी
- रीफ-सेफ़ सनस्क्रीन, धूप का चश्मा
- पानी की बोतल (प्लास्टिक अधिकांश जगहों पर प्रतिबंधित)
- पानी-रोधी जूते / चप्पल
- अंडरवॉटर कैमरा
- पर्मिट की प्रिंट कॉपी
ध्यान दें: स्थानीय इलाकों या मस्जिदों में मॉडेस्ट कपड़े पहनें।
कब जाएँ? — बेस्ट टाइम टू विज़िट
- अक्टूबर से मई: सबसे अच्छा समय
- दिसंबर–मार्च: पीक सीजन, शांत समुद्र और साफ़ मौसम
- जून–सितंबर: मॉनसून में समुद्र उग्र रहता है और कई गतिविधियाँ बंद रहती हैं।
ओफ़बीट जगहें जो आपका दिल जीत लें
- बंगाराम द्वीप — हनीमून और सोलो ट्रैवलर्स की पहली पसंद
- कल्पेनी — कयाकिंग और लंबी समुद्री सैर
- पित्ती बर्ड सैंक्चुअरी — हज़ारों टर्न पक्षियों का बसेरा
- अंद्रेत्ती — बड़ा लेकिन कम देखा गया द्वीप, पूरी तरह शांत और स्थानीय
लक्षद्वीप क्यों अनोखा है?
यहाँ मालदीव जैसी लग्ज़री नहीं, बल्कि प्राकृतिक खूबसूरती की सादगी है।
यहाँ कोई शोर भरी नाइट लाइफ़ नहीं, बस
✔ सितारों से भरा आसमान
✔ अनछुए बीच
✔ कछुओं से भरे तट
✔ और लोगों की गर्मजोशी
लक्षद्वीप भारत का अपना स्वर्ग है—बिना किसी दिखावे, बिना किसी भीड़-भाड़। अगर आप ऐसे समुद्र तट की तलाश में हैं जहाँ शांति हो, नीला पानी हो, कोरल की खुशबू हो और स्थानीय लोगों की मुस्कान, तो लक्षद्वीप आपको हमेशा याद रहेगा। एक बार आइए—फिर यह द्वीप आपके सपनों का हिस्सा बन जाएगा।
By: Anushka Singhal


