धौलाधार पर्वतों की धुंध से लिपटा और चाय के हरे–भरे बागानों से सजा पालमपुर, उन यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं जो भीड़ से दूर एक शांत और सुंदर हिल–गेटअवे की तलाश में हैं। यहाँ की हवा में चाय की महक है, जंगलों में पाइन का संगीत, और हर मोड़ पर पहाड़ों से बहते झरनों की ठंडक।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में स्थित पालमपुर (Palampur) एक ऐसा शांत और सुंदर हिल स्टेशन है, जिसे ‘उत्तर भारत की चाय राजधानी’ कहा जाता है। यहाँ की हरी-भरी ढलानें, दूर-दूर तक फैले चाय के बागान और पीछे धौलाधार पर्वतमाला की बर्फ से ढकी चोटियों का शानदार दृश्य, इसे प्रकृति प्रेमियों और शांत यात्रा की तलाश करने वालों के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाते हैं।
पालमपुर प्रकृति के बीच कला, संस्कृति और छोटे–छोटे ओफ़बीट अनुभवों का ऐसा संगम है जो हर यात्री को अपना बना लेता है।
पालमपुर का नाम संस्कृत शब्द ‘पलामुला’ से आया है, जिसका अर्थ है ‘बहुत पानी’। यहाँ की बहुतायत में उपलब्ध जलराशि ने ही चाय की खेती को इतना समृद्ध बनाया है।
- चाय की राजधानी: पालमपुर अपनी बेहतरीन कांगड़ा चाय के लिए विश्व प्रसिद्ध है। ब्रिटिश काल में यहाँ चाय की खेती शुरू हुई थी। पर्यटक यहाँ के चाय बागानों में घूमते हैं, चाय की पत्तियाँ तोड़ने की प्रक्रिया देखते हैं और ताज़ी बनी चाय का स्वाद लेते हैं।
- धौलाधार के अद्भुत नज़ारे: पालमपुर से धौलाधार पर्वतमाला का 180-डिग्री का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। सुबह की सुनहरी रोशनी और शाम के समय चोटियों पर पड़ती लालिमा, यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता को अविश्वसनीय बना देती है।

पालमपुर कैसे पहुँचे
हालाँकि पालमपुर एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है, लेकिन इसका शांत और कम भीड़ वाला माहौल इसे खास बनाता है।
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डा गगल एयरपोर्ट (धर्मशाला) है, जो पालमपुर से लगभग 40 किमी दूर स्थित है। दिल्ली और चंडीगढ़ से रोजाना उड़ानें आती हैं। एयरपोर्ट से टैक्सी या सीधी बस लेकर आप एक घंटे में पालमपुर पहुँच सकते हैं।
रेल मार्ग
पालमपुर का रेलवे स्टेशन संकीर्ण गेज पठानकोट–जोगिंदरनगर लाइन पर है। लंबी दूरी वाले यात्री अक्सर पठानकोट (112 किमी) तक ट्रेन लेते हैं और फिर टैक्सी या HRTC बस से आगे का सफर तय करते हैं।
सड़क मार्ग
- चंडीगढ़ से दूरी: 245 किमी, 5–6 घंटे
- दिल्ली से दूरी: 10–12 घंटे
पालमपुर नियमित बस सेवाओं, वोल्वो कोच, और टैक्सियों से शिमला, धर्मशाला, कांगड़ा और बिलासपुर से अच्छी तरह जुड़ा है।
सेल्फ ड्राइव का मज़ा फ़ूटहिल्स और घने देवदार के जंगलों के कारण और बढ़ जाता है।
पालमपुर में घूमने की टॉप जगहें
पालमपुर टी गार्डन – हरे रंग की अनगिनत छायाएँ

पालमपुर के चाय बागान इसकी पहचान हैं। सुबह की धुंध में लिपटा वाह टी एस्टेट, नॉरवुड ग्रीन, और बुंडला टी एस्टेट किसी पेंटिंग की तरह दिखाई देते हैं। गाइडेड टूर में आपको यहाँ चाय तोड़ने से लेकर प्रोसेसिंग और चखने तक पूरी प्रक्रिया देखने को मिलती है।
कई एस्टेट्स में पिकनिक की भी सुविधाएँ हैं — पहाड़ों के बीच ताज़ा बनी चाय और गर्म पेस्ट्री का स्वाद किसी जादू से कम नहीं।
सौरभ वन विहार – पहाड़, नदी और शांत रास्तों का संगम
कप्तान सौरभ कालिया की स्मृति में बना यह प्राकृतिक पार्क नेउगल खड्ड के किनारे स्थित है। यहाँ बर्डवॉचिंग, शांत वॉक, छोटे ट्रेक और झील में पैडल बोटिंग का मजा लिया जा सकता है। बरसाती मौसम में धौलाधार की बर्फ़ से पिघला पानी पूरे क्षेत्र को बेहद खूबसूरत बना देता है।
एक छोटा कैफे भी है जहाँ मैगी, मोमोज़ और चाय आपकी थकान मिटा देते हैं।
पालमपुर में रहने के बेहतरीन होटल
लग्ज़री और प्रीमियम स्टे
- Araiya Palampur – शानदार डाइनिंग, स्पा और धौलाधार के सुंदर दृश्य
- RS Sarovar Portico – परिवारों और कपल्स के लिए परफेक्ट लग्ज़री
- Infinitea Sports Club & Tea Garden Resort – स्पोर्ट्स फैसिलिटी और चाय के बीच रहने का अनोखा अनुभव
- Lamrin Norwood Green – प्लांटेशन विला, टी–प्लकिंग अनुभव और शांत माहौल
मिड–रेंज विकल्प
- The Bliss Palampur, Fortune Park, juSTa Palampur – सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस, मुख्य आकर्षणों के करीब
स्थानीय अनुभव चाहते हैं?
आउटर एरिया के होमस्टे चुनें — जहाँ सुबह की शुरुआत होगी पहाड़ों की ताज़ी हवा और घर के बने हिमाचली खाने से।

लोकल ट्रैवल और घूमने का तरीका
पालमपुर की गलियाँ शांत और कॉम्पैक्ट हैं। यहाँ ऑटो, साझा कैब, पैदल वॉक, और साइकलिंग सबसे आसान विकल्प हैं। बिर बिलिंग, बैंजनाथ, आंद्रेटा, और आसपास के गाँव टैक्सी से आराम से कवर किए जा सकते हैं।
प्रो टिप: कुछ दूरदराज के इलाकों में नेटवर्क कमज़ोर हो सकता है, इसलिए लोकल सिम चुनना बेहतर है।
पालमपुर जाने का सबसे अच्छा समय
- मार्च–जून: फूलों से लदे पहाड़ और सुहावना मौसम
- सितंबर–नवंबर: साफ आसमान, सबसे बेहतरीन दृश्य
- जुलाई–अगस्त: हरियाली अपने चरम पर (लेकिन बारिश यात्रा धीमी कर सकती है)
- दिसंबर–फ़रवरी: सर्दी, कोहरा और कभी–कभी हल्की बर्फबारी
क्या पैक करें
- हल्के कपड़े + शाम के लिए गर्म कपड़े
- आरामदायक ट्रेकिंग जूते
- रेनकोट/छाता (मानसून के लिए)
- सनस्क्रीन, कैप, पानी की बोतल
- छोटा डे–पैक
- हिमाचली दाम, सिड्डू और ट्राउट फिश जरूर चखें
प्रो टिप: स्थानीय बाज़ारों से चाय, कांगड़ा एम्ब्रॉयडरी और पॉटरी लेना न भूलें।
पास के बेहतरीन डिट्योर
- धर्मशाला–मैक्लोडगंज: 40 किमी, तिब्बती संस्कृति और कैफे
- बरोत वैली–राजगुंधा: रोमांचकारी ट्रेल्स और ट्राउट फिशिंग
- नगरोटा–गोपलपुर जू: परिवारों के लिए शानदार दिनभर की सैर
निष्कर्ष
पालमपुर एक ऐसा हिल स्टेशन है जो अपनी शांति, चाय बागानों की हरियाली और धौलाधार के राजसी नज़ारों के साथ पर्यटकों को प्रकृति के करीब आने का एक अनोखा अवसर प्रदान करता है। यह निश्चित रूप से हिमाचल का एक ऐसा रत्न है, जिसकी यात्रा आपको तरोताज़ा कर देगी।
By: Anushka Singhal


